चमोली: हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में स्थित पवित्र होमकुंड में नंदा देवी बड़ी जात यात्रा की मुख्य धार्मिक पूजा-अनुष्ठान संपन्न हो गए। विशेष पूजा के बाद तीन चौसिंगा खाड़ुओं को कैलाश के लिए विदाई दी गई। इसी के साथ नंदा बड़ी जात यात्रा का मुख्य धार्मिक चरण पूरा हो गया।

होमकुंड में नंदा-भगवती की विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न कराए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूजा-अनुष्ठान के दौरान कई नंदा भक्तों पर देवी-देवताओं का अवतरण भी हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया

भावुक रहा कैलाश विदाई का क्षण

होमकुंड में पूजा के बाद तीन चौसिंगा खाड़ुओं को सजाया गया। उनकी पीठ पर नंदा देवी को अर्पित किए जाने वाले पवाड़े के रूप में खाजा, कलैऊ, प्रसादी, फल-फूल, आभूषण और श्रृंगार सामग्री रखी गई। मंत्रोच्चार और मां नंदा के जयकारों के बीच चौसिंगा खाड़ुओं को कैलाश की ओर विदा किया गया।

इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। खाड़ुओं की कैलाश विदाई के साथ ही होमकुंड में बड़ी जात की मुख्य पूजा संपन्न हुई और देव डोलियों-छंतोलियों ने वापसी का मार्ग पकड़ लिया।

280 किलोमीटर की कठिन यात्रा

नंदा बड़ी जात यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने करीब 280 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी की। होमकुंड से वापसी के दौरान यात्रा जामुन डाली पहुंची, जहां रात्रि प्रवास और देवी जागरण हुआ। इसके बाद देव डोलियां और छंतोलियां सुतोल गांव पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।

अब यात्रा विभिन्न पारंपरिक पड़ावों से होते हुए सिद्धपीठ कुरूड़ की ओर बढ़ रही है

23 सितंबर को कुरूड़ में होगा समापन

दशोली और बंड की देव डोलियां 23 सितंबर को सिद्धपीठ कुरूड़ पहुंचेंगी। यहां यज्ञ-अनुष्ठान और धार्मिक विधि-विधान के साथ श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा-2026 का विधिवत समापन किया जाएगा।वहीं देवराड़ा-थराली की उत्सव डोली भी अपने निर्धारित पड़ावों से होते हुए सिद्धपीठ देवराड़ा की ओर लौट रही है। रास्ते में विभिन्न गांवों में ग्रामीणों द्वारा डोली का स्वागत और पूजा-अर्चना की जा रही है।

होमकुंड में बड़ी पूजा और चौसिंगा खाड़ुओं की कैलाश विदाई के साथ नंदा बड़ी जात यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक चरण पूरा हो चुका है। अब देव डोलियां अपनी वापसी यात्रा पर हैं और 23 सितंबर को कुरूड़ में होने वाले यज्ञ-अनुष्ठान के साथ यात्रा के औपचारिक समापन की तैयारी है।