देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रामशरण नौटियाल लंबे समय से उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें चकराता विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था।
2022 में प्रीतम सिंह के खिलाफ लड़ा था चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव में चकराता सीट पर रामशरण नौटियाल का मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ था। चुनाव में रामशरण नौटियाल को 27,417 वोट मिले थे, जबकि प्रीतम सिंह को 36,853 वोट प्राप्त हुए थे। प्रीतम सिंह ने 9,436 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था।
स्थानीय नेताओं से नाराजगी बनी वजह?
रामशरण नौटियाल के भाजपा छोड़ने के पीछे स्थानीय स्तर पर पार्टी नेताओं के रवैये और राजनीतिक खींचतान को वजह बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से क्षेत्र के भाजपा नेताओं को लेकर नाराजगी जाहिर करते रहे थे।
वर्ष 2023 में भी रामशरण नौटियाल ने सार्वजनिक रूप से चकराता और कालसी क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। उन्होंने क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार और लकड़ी की कथित तस्करी को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।
कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज
भाजपा से इस्तीफे के बाद अब रामशरण नौटियाल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनका राजनीतिक सफर पहले कांग्रेस से भी जुड़ा रहा है। इसी वजह से उनके कांग्रेस में वापस जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, अभी तक रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जा रहा है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़ना ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। चकराता विधानसभा सीट और जौनसार-बावर क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनके अगले कदम पर राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि रामशरण नौटियाल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है, जबकि कांग्रेस में शामिल होने की खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।