देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्टूबर में उत्तराखंड दौरे की संभावनाओं के बीच केदारनाथ धाम में तैयारियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री के 22 से 25 अक्टूबर के बीच केदारनाथ धाम पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी दौरे का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।

संभावित दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके साथ ही वह केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण और विकास कार्यों का जायजा भी ले सकते हैं।

पुनर्निर्माण कार्यों पर रहेगी नजर

केदारनाथ धाम में 2013 की आपदा के बाद से चरणबद्ध तरीके से पुनर्निर्माण और सुविधाओं के विकास का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी केदारनाथ पहुंचकर इन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा ले चुके हैं।

केंद्र सरकार के अनुसार केदारनाथ के पुनर्विकास के तहत मंदिर परिसर, आसपास के क्षेत्र, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई कार्य किए गए हैं। सरकार की ओर से केदारनाथ पुनर्विकास को लेकर विभिन्न परियोजनाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।

केदारनाथ रोपवे परियोजना भी अहम

केदारनाथ से जुड़ी प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं में सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे भी शामिल है। केंद्र सरकार ने 2025 में करीब ₹4,081 करोड़ की अनुमानित लागत वाली 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को मंजूरी दी थी। परियोजना का उद्देश्य सोनप्रयाग से केदारनाथ तक श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाना है।

उत्तराखंड सरकार भी केदारनाथ सहित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा कर रही है। अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ रोपवे परियोजना से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

टिहरी में भी कार्यक्रम की चर्चा

संभावित उत्तराखंड दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के टिहरी में भी एक कार्यक्रम में शामिल होने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में भी अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है।

प्रधानमंत्री का केदारनाथ दौरा तय होने पर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यात्रा और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों को लेकर गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे की तारीख को संभावित माना जा रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही दौरे की तारीख और कार्यक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।